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नगला कारे में चक मार्ग से कब्जामुक्त नहीं होने पर समाजसेविका ने ली समाधि

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नगला कारे में चक मार्ग से कब्जामुक्त नहीं होने पर समाजसेविका ने ली समाधि।नगला कारे में समाजसेवी सावित्री चाहर हुई जिंदा हक के लिए जमींदोज।मलपुरा। ताज नगरी आगरा के थाना मलपुरा क्षेत्र स्थित गांव नगला कारे में सरकारी चक रोड पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है। मंगलवार को करीब 4 बजे समाजसेवी सावित्री चाहर ने चक रोड के किनारे गड्ढा खोदकर समाधि की ले ली। सूचना मिलते ही थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। करीब डेढ़ घंटे बाद पुलिस ने समाधि से सावित्री चाहर को बाहर निकाल लिया। करीब 1 घंटे बाद नायब तहसीलदार शुभ्रा अवस्थी भी मौके पर पहुंच गई। 15 दिन में समस्या के समाधान पर महिलाएं गई। समाजसेवी सावित्री चाहर ने बताया कि 2 वर्ष वह लगातार चल रोड को कब्जामुक्त करने के लिए प्रशासन के चक्कर लगा रही हैं। लेकिन समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। इसी चक रोड पर गांव का शमशान घाट बना हुआ है। बारिश के मौसम में ग्रामीणों को घूमकर दूसरे रास्ते से जाना पड़ता है। वही ग्रामीणों का और किसानों का चक रोड पर निकलना मुश्किल हो जाता है। चक रोड से कब्जामुक्त नहीं होने से नाराज समाजसेविका ने समाधि ले ली। ______________थाना प्रभारी ने धमकाया: थाना प्रभारी पवन कुमार सैनी मय थाना फोर्स के साथ घटना के करीब 30 मिनट बाद मौके पर पहुंच गए। समाधि के ऊपर मिथिलेश कुमारी बैठी हुई थी। इसी बीच महिलाओं और पुलिस के बीच करीब 15 मिनट तक नोंकझोंक हुई। जब महिलाएं समाधि के ऊपर नहीं तो, थाना प्रभारी ने धमकाकर कहा कि सबके ऊपर मुकदमा दर्ज कराऊंगा। धमकाते हुए जबरन समाधि के ऊपर तख्त को हटाकर समाजसेवी सावित्री चाहर को बाहर निकाला। ________________ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि मौके पर पहुंची नायब तहसीलदार शुभ्रा अवस्थी ने महिलाओं को समझाया लेकिन महिला लिखित के आश्वाशन पर अड़ी रहीं। नायब तहसीलदार के करीब 20 मिनट बाद समझाने पर मौखिक रूप से 15 दिन में समस्या के निराकरण पर महिलाएं मान गई। महिलायों का कहना है कि अगर 15 दिन में समस्या का समाधान प्रशासन द्वारा नहीं किया गया तो अगली बार 4 महिलाएं एक साथ समाधि लेंगी।

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